RO/ARO की परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’ ( Anek shabdon ke liye ek shabd Important for RO/ARO )
Hello Readers! 😊 आप यहाँ RO/ARO की विगत वर्षो की परीक्षाओं में आये हुए ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’ का अध्ययन करेंगे। (Anek shabdon ke liye ek shabd Important for RO/ARO).
हिंदी भाषा को संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाने के लिए हम भाषा में ‘वाक्यांशों’ के स्थान पर या ‘कई शब्दों के स्थान पर’ केवल एक ही शब्द का प्रयोग करते हैं, जो बिल्कुल वही ‘अर्थ’ देता है जो अर्थ वाक्यांश का होता है । ऐसे शब्दों को हम अनेक शब्दों के लिए एक शब्द या वाक्यांश के लिए एक शब्द के रूप में जानते हैं। भाषा में कई शब्दों के स्थान पर एक शब्द बोल कर हम भाषा को प्रभावशाली एवं आकर्षक बनाते है।
उदाहरण – राम कविता लिखता है। ‘ कविता लिखता ‘ ( अनेक शब्दों ) के स्थान पर हम एक ही शब्द ‘कवि‘ का प्रयोग कर सकते है। संक्षिप्त रूप- राम कवि है।
‘हाल में ब्याही स्त्री’। शब्द-समूह के स्थान पर ‘नवोढ़ा‘ शब्द का प्रयोग कर सकते है।
इसी प्रकार, भाषा को संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाने के लिए ‘अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द’ का प्रयोग कर सकते है।
नीचे दिए गए ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द ‘ अति महत्वपूर्ण है तथा विगत वर्ष की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आए हुए हैं।
Table of Contents
प्रशासनिक शब्दावली से संबंधित ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’
- अधिकृत – अधिकार में आया हुआ, अधिकार प्राप्त
- अधिनियम – विधायिका द्वारा पारित नियम
- अधिसूचना – वह सूचना जो सरकार ने जारी किया हो
- अधीक्षक – किसी कार्यालय या विभाग का वह अधिकारी जो अपने अधीन कार्य करने वाले कर्मचारियों की निगरानी रखे
- अध्यादेश – जारी किया गया आधिकारिक आदेश
- अनुदान – किसी कार्य के लिए दी जाने वाली सहायता
- अनुमोदन – किसी मत या प्रस्ताव का समर्थन करने की क्रिया
- अभियुक्त – वह जिस पर अभियोग लगाया गया हो
- आधिकारिक – अधिकार पूर्वक कहा गया या किया गया
- आर्थिक – अर्थ या धन से सम्बन्ध रखने वाला
- आशुलिपिक – आशुलिपि (शार्ट हैण्ड) जाननेवाला लिपिक
- उत्तराधिकारी – किसी के बाद उसकी संपत्ति प्राप्त करने वाला
- औपचारिक – ऊपरी दिखावे के रूप में होने वाला
- कार्यान्वयन – किसी विचार / निर्णय को कार्यरूप देना
- त्यागपत्र – कोई सेवा / काम या पद छोड़ देने के लिये लिखा गया पत्र
- दण्डसंहिता – अपराध और उन पर दण्ड देने के नियम निर्धारित करने वाली पुस्तक
- न्यायमूर्ति – उच्च न्यायालय का न्यायाधीश
- पदच्युत – अपने पद से हटाया हुआ
- राजपत्रित – जिसकी सूचना राजपत्र में दी गयी हो
- लेखाकार – आय-व्यय, लेन-देन का लेखा करने वाला
- संविदा – कुछ खास शर्तों द्वारा कोई कार्य कराने का समझौता
दिशाओं से संबंधित ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’
- आग्नेय – दक्षिण व पूर्व के बीच की दिशा
- ईशान – पूरब और उत्तर के बीच की दिशा
- वायव्य – उत्तर और पश्चिम के बीच की दिशा
- नैऋत्य – दक्षिण और पश्चिम के बीच की दिशा
समय से संबंधित ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’
- प्रदोष – रात्रि का प्रथम पहर
- त्रियामा – रात्रि का तीसरा पहर
- द्वियामा – रात्रि का दूसरा पहर
- ब्रह्म मुहूर्त – रात्रि का चौथा पहर (अंतिम भाग)
- निशीथ – अर्थ रात्रि का समय
- उषाकाल – रात्रि और सुबह के बीच का समय
- साप्ताहिक – एक सप्ताह में होने वाला
- मासिक – एक महीने में होने वाला
- समकालीन – एक ही समय में उत्पन्न होने वाला
- समसामयिक – एक ही समय में वर्तमान
- प्रागैतिहासिक – ऐतिहासिक युग के पूर्व का
- तत्कालीन – उसी समय का
- हेमन्त – अगहन और पूस में पड़ने वाली ऋतु
विभिन्न प्रकार की इच्छाएं
- जिगीषु – किसी पर विजय प्राप्त करने की इच्छा रखने वाला।
- जिज्ञासु – जानने की इच्छा रखने वाला।
- तितीर्षु – तैरने या पार होने का इच्छुक।
- जिजीविषा – अधिक समय तक जीवित रहने की इच्छा
- जिजीविषु – अधिक समय तक जीवित रहने का इच्छुक
- पिपासु – पीने की इच्छा रखने वाला
- बुभुक्षु – खाने की इच्छा रखने वाला
- मुमुक्षु – मोक्ष प्राप्त करने की इच्छा रखने वाला
- मुमूर्षु – मारने की इच्छा रखने वाला
- युयुत्सु – युद्ध की इच्छा रखने वाला।
- एषणा – सांसारिक वस्तुओं को प्राप्त करने की इच्छा
- कामना – किसी वस्तु की सामान्य इच्छा
- ईप्सा – किसी वस्तु को पाने की इच्छा या अभिलाषा
- अभीप्सा – किसी वस्तु को प्राप्त करने की तीव्र इच्छा
- अप्तकाम – वह जिसकी समस्त कामनाएं पूरी हो गई हो
- पूर्णकाम – वह जिसकी कामना पूरी हो गई हो
- बीतकाम – वह जिसकी कामनाएं बीत चुकी हो
स्त्री की सुंदरता से संबंधित ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’
- सुलोचना / सुनयना – सुंदर आंखों वाली नायिका
- आयतलोचना / कमलनयनी – कमल के समान नयनों वाली नायिका
- शताक्षी – सैकड़ों आंख वाली नायिका
- मीनाक्षी – वह स्त्री जिसकी आंखें मीन के समान हो
- लोलाक्षिका – चंचल आंखों वाली नायिका
- काकुली – घुंघराले बालों वाली नायिका
- अलका – घने बालों वाली नायिका
- सुकेशी – सुंदर बालों वाली नायिका
- केशिनी – सुंदर और बड़े बालों वाली नायिका
- सुग्रीवा – सुंदर गले वाली नायिका
- सुष्मिता – सुंदर मुस्कुराने वाली नायिका
- करभोरु – सुंदर जांघों वाली नायिका
- ऋषभी – वह स्त्री जिसके मूंछ दाढ़ी निकली हो
- गजगामिनी – हाथी की तरह चलने वाली स्त्री
- रूपसी – अत्यंत सुन्दर स्त्री
स्त्री के पति और पुत्र से संबंधित ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’
- सधवा / सौभाग्यवती – वह स्त्री जिसका पति जीवित हो
- विधवा – वह स्त्री जिसका पति जीवित न हो
- सुभगा – वह स्त्री जिसे अपने पति का प्रेम मिला हो
- दुर्भगा – वह स्त्री जिस पर स्वामी का प्रेम ना हो
- पतिव्रता – अपने पति के प्रति अनन्य अनुराग रखने वाली
- अध्यूड़ा – वह स्त्री जिसका पति दूसरा विवाह कर ले
- परित्यक्ता – वह स्त्री जिसके पति ने छोड़ दिया हो
- प्रवत्स्यत्पपतिका/ प्रवत्यपतिका – वह स्त्री जिसका पति विदेश जाने को हो और जो उसके वियोग की कल्पना से दु:खी हो।
- प्रोषितपतिका – वह नायिका जिसका पति परदेस में हो
- आगमिस्यतपतिका – वह नायिका जिसका पति परदेश से आने वाला हो
- आगतपतिका – वह स्त्री जिसका पति अभी परदेश से लौटा हो।
- पुरंद्री – वह स्त्री जिसके पुत्र और पति हो
- अवीरा – वह स्त्री जिसके के पुत्र और पति न हो
- काकबांध्या – वह स्त्री जिसके के एक संतान होने के बाद फिर संतान उत्पन्न न हो
- बांध्या / बांझ / निपूति – वह स्त्री जिसकी संतान न पैदा होती हो
स्त्री प्रेम से संबंधित ‘अनेक शब्दों के लिए एक शब्द’
- अनुरक्ता – किसी के प्रेम या अनुराग में ढली स्त्री
- प्रेयसी – किसी से प्रेम करने वाली युवती
- रतिप्रीता – वह नायिका जिसे अपने प्रिय का चिंतन और ध्यान करना ही अच्छा लगता हो
- कृष्णाभिसारिका – वह नायिका जो कृष्ण पक्ष में अपने प्रेमी से मिलने जाती है
- सुसारिका – वह नायिका जो खुलेआम प्रेमी से मिलने जाए
- अभिसारिका – वह नायिका जो लुक–छिप कर प्रेमी से मिलने जाए
- षोडशी – 16 वर्ष की नायिका
- मुग्धा – 16 से 18 वर्ष के बीच की नायिका
- कुमारी – वह स्त्री जिसकी शादी न हुई हो
- सुश्री – 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित नायिका
- वागदत्ता – ऐसी कन्या जिससे विवाह का वचन दिया गया हो
- वाग्दान – कुछ देने या करने का वचन या वादा / किसी कन्या को विवाह करने का वचन देने की रस्म
- नवोढ़ा – हाल में ब्याही स्त्री / नई ब्याही हुई स्त्री ।
- भामिनी – क्रोध करने वाली स्त्री
- पिसनहारी – आटा पीसने वाली स्त्री
- असूर्यपश्या / असूर्यम्पश्या – जो स्त्री सूर्य भी न देख सके।
- विदुषी – जो स्त्री किसी विषय को अच्छी तरह जानती हो।
- शास्त्रज्ञा – जो स्त्री शास्त्र की ज्ञाता हो।
- कुमार – वह पुरुष जिसका ब्याह न हुआ हो
- विवाहित – वह पुरुष जिसका विवाह हो चुका हो
- अपत्नीक – वह पुरुष जिसकी पत्नी न हो
- विपत्नीक – वह पुरुष जिसकी पत्नी साथ नहीं है
- विधुर – वह पुरुष जिसकी पत्नी मर चुकी हो
- स्त्रैण – स्त्री के वश में रहने वाला।
- काकुल्य – घुंघराले बालों वाला नायक
- विजित – जो जीत लिया गया हो।
- अप्रमेय – जो तौला या नापा न जा सके / जो प्रमाण से सिद्ध न हो सके।
- दुर्निवार /दुर्निवार्य – जो जल्दी रोका या हटाया न जा सके।
- स्वावलंबी- अपने सहारे पर रहने वाला।
- आत्मनिर्भर – जो अपने ऊपर निर्भर रहता हो।
- अग्रसोची – आगे की सोचने वाला।
- अग्रगामी – आगे चलने वाला।
- अज्ञ – जो कुछ भी नहीं जानता हो।
- सर्वज्ञ – जो सब कुछ जानता हो।
- अल्पज्ञ – जो बहुत कम जानता हो
- प्रत्याशित – जिसकी पहले से कोई आशा हो।
- अप्रत्याशित – जिसकी पहले से कोई आशा न हो।
- आशातीत – जो आशा से अधिक हो।
- आशाजनक – ऐसी बात जिससे कार्य पूर्ण होने की उम्मीद जगे।
- अपश्य – जो बुरा या अहितकर है।
- अपेय- जो पीने योग्य नहीं है ।
- अभक्ष्य – जो भक्षण करने योग्य न हो।
- अपादमस्तक – पैर से सिर तक।
- दुराग्रही – अनुचित बातों के लिए आग्रह करने वाला ।
- दुराग्रह – अनुचित बात के लिए आग्रह (अड़ना)।
- दुर्निवार- जिसका निवारण अत्यंत कष्ट से किया जा सके ।
- कर्णपाली – कान के नीचे लटका हुआ कोमल भाग ।
- कर्णफुल – कान में पहनने वाला आभूषण ।
- दावानल- जंगल की आग ।
- बड़वानल – समुद्र की आग।
- जठराग्नि- पेट की आग ।
- वाचाल- जो बहुत बोलता है।
- वक्ता- जो बोलता हो।
- प्रवक्ता – जो किसी विषय विशेष पर बोलता हो ।
- अनुच्चरित – जिसका उच्चारण न किया गया हो ।
- अभेद्य – जो भेदा या तोड़ा न जा सके।
- दूर्भेद्य – जो कठिनाई से भेदा जा सके।
- संवेद्य – जो अनुभव करने योग्य हैं।
- अजातशत्रु – जिसका कोई शत्रु पैदा ही न हुआ हो।
- स्वार्थी- अपना मंतव्य साधने वाला।
- विस्थापित – जिसे अपनी जगह से अलग कर दिया गया हो।
- तितीर्षु – तैरने या पार होने का इच्छुक।
- तारक – तैरकर पार कराने वाला ।
- तैराक – तैरकर पार करने वाला।
- दूरभिसंधि – पूरे उद्देश्य से की गई गुप्त मंत्रणा ।
- दूरभियोजन – किसी को संकट में डालने के लिए बनायी जाने वाली योजना या किसी को हानि पहुँचाने के लिए की गई गुप्त कार्यवाही।
- दुरतिक्रम – जिससे पार पाना बहुत कठिन हो ।
- दूरधिगम – जिसके पार पहुँचना कठिन हो।
- प्रत्युत्तर – सवाल-जवाब / बहस-हुज्जत / उत्तर पर उत्तर।
- उत्तरापेक्षी – वह जिसने उत्तर की अपेक्षा की हो ।
- उत्तरण – पार उतरने की क्रिया ।
- उत्तरोत्तर – एक के पीछे एक क्रम

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