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Most Important Vartani Shuddhi For Exams

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Most Important Vartani Shuddhi For Exams

हिंदी भाषा जितनी सरल है, उतनी ही वैज्ञानिक भी हैं। कई बार हिंदी शब्दों को लिखते समय हम छोटी-छोटी गलतियाँ कर बैठते हैं। इन गलतियों को सुधारना ही ‘वर्तनी शुद्धि’ (Vartani Shuddhi – Spelling Correction) कहलाता है। चाहे आप स्कूल के छात्र हों या UPPSC, RO/ARO, SSC GD, CTET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हों, परीक्षा में सफल होने के लिए वर्तनी शुद्धि पर आपकी पकड़ होना आवश्यक है। (Most Important Vartani Shuddhi For Exams)

👉कुछ महत्वपूर्ण नियम

(1) ‘इक’ प्रत्यय (suffix) वाले शब्द: ‘ इक ‘ प्रत्यय मूल शब्द के अर्थ को बदलकर उसे किसी चीज़ से संबंधित या उससे उत्पन्न होने का बोध कराता है और ऐसे शब्द प्रायः विशेषण (adjective) होते हैं। जब किसी अकारांत संज्ञा शब्द के अंत में इक लगाकर विशेषण बनाया जाता है तो मूल शब्द का पहला वर्ण ‘अ ‘ / ‘ आ ‘ → ‘ ‘ में, ‘ इ ‘ / ‘ ई ‘ → ‘ ‘ और ‘ उ ‘/ ‘ ऊ ‘ → ‘ ‘ में बदल जाता है। उदाहरण –

धर्म + इक = धार्मिक
तर्क + इक = तार्किक
संसार + इक = सांसारिक
परिवार + इक = पारिवारिक
दर्शन + इक = दार्शनिक
प्रदेश + इक = प्रादेशिक
तत्काल + इक = तात्कालिक
अध्यात्म + इक = आध्यात्मिक
व्यवहार + इक = व्यावहारिक
प्रमाण + इक = प्रामाणिक
संविधान + इक = सांविधानिक
विधान + इक = वैधानिक
नीति + इक = नैतिक
राजनीति + इक = राजनीतिक
वर्ष + इक = वार्षिक
सप्ताह + इक = साप्ताहिक
त्रिमास + इक = त्रैमासिक

(2) ‘ य ‘ प्रत्यय (suffix) वाले शब्द: जब किसी मूल शब्द में ‘ य ‘ प्रत्यय जुड़ता है तो मूल शब्द का पहला वर्ण ‘अ ‘ → ‘ ‘ में, ‘ इ ‘ / ‘ ई ‘ / ‘ ए ‘ → ‘ ‘ और ‘ उ ‘/ ‘ ऊ ‘ / ‘ ओ ‘ → ‘ ‘ में बदल जाता है और अंतिम वर्ण आधा हो जाता है। उदाहरण –
अधिक + य = आधिक्य
बहुल + य = बाहुल्य
महात्मा + य = माहात्म्या
सफल + य = साफल्य
स्वस्थ + य = स्वास्थ्य
विशिष्ट + य = वैशिष्ट्य
ईश्वर + य = ऐश्वर्य
सेना + य = सैन्य
एक + य = ऐक्य
कुमार + य = कौमौर्य
शूर + य = शौर्य

परीक्षा के लिए अतिमहत्वपूर्ण वर्तनी शुद्धि (Most Important Vartani Shuddhi For Exams)

अशुद्ध              शुद्धअशुद्ध              शुद्ध             
अंजलीअंजलिज्योत्सना ज्योत्स्ना
अंतनिर्वित अंतर्निहितमिष्ठानमिष्टान्न
अंतर्ध्यान अंतर्धान 
अंताक्षरी अन्त्याक्षरी
अक्षुण्य    अक्षुण्ण
अक्षोहिणी अक्षौहिणी
अतिश्योक्ति अतिशयोक्ति
अत्योक्तिअत्युक्ति
अधिन/आधीन अधीन
अधिशाषी अधिशासी
अध्यात्मिक आध्यात्मिक
अनधीकार /अनाधिकार अनधिकार
अनभीज्ञ/अनिभिग्य   अनभिज्ञ
अनिधिकृत/अनाधिकृत अनधिकृत
अनुग्रहित अनुगृहित
अनुषंगिक/अनुसंगिक आनुषंगिक
अनूक्रम अनुक्रम
अन्तराप्रान्तीय अन्तः प्रान्तीय
अन्तर्ध्यान   अन्तर्धान
अन्यन्याश्रित अन्योन्याश्रित
अपरान्ह  अपराह्न
अमावसश्या/अवामस्या अमावस्या
अराधना आराधना
अर्न्तराष्ट्रीय / अन्तरराष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय
अर्न्तस्तलीय अन्तस्तलीय
अहार आहार
अहिल्या/ अहिलिया अहल्या
आधीन  अधीन
आप्रत्याशित अप्रत्याशित
आर्शीवाद आशीर्वाद
आशाढ़ आषाढ़
आहलाद  आह्लाद
इतिपूर्व इतः पूर्व
 इर्षा/इर्ष्या  ईर्ष्या
उच्श्रृंखलता  उच्छृंखलता
उज्जवल  उज्ज्वल
उतप्रेक्षा उत्प्रेक्षा
उतसव उत्सव
उत्ग्रीव उद्ग्रीव
उत्वंग उत्तुंग
उदेश्य उद्देश्य
उपर ऊपर
उपरयुक्त / उपरोक्तउपर्युक्त
उपरलिखितउपरिलिखित
उर्ध्व ऊर्ध्व
उलंघन उल्लंघन
ऋषीकेश ऋषिकेश
एकान्तिक ऐकान्तिक
एश्वर्य ऐश्वर्य
 ऐषणा एषणा
कवियित्री /कवित्री    कवयित्री
कालीदास कालिदास
कुमुदनी कुमुदिनी
केंद्रिय केंद्रीय
क्लेष   क्लेश
गरिष्ट गरिष्ठ
चर्मोत्तकर्ष चरमोत्तकर्ष
चारदीवारी चहारदीवारी
छिद्रान्वेषी  छिद्रान्वेशी
छेम क्षेम
जगत जननी जगज्जननी
जगधात्री जगद् धात्री
जमाताजामाता
जागृत जाग्रत
जानहवीं जाह्नवी
जीजीविषा/ जीजिविषा जिजीविषा
ज्ञानेन्द्रीया ज्ञानेन्द्रियाँ
ज्योत्सना ज्योत्स्ना
टिप्पड़ी टिप्पणी
तत्कालिक तात्कालिक
तत्मय तन्मय
तदान्तर तदनन्तर
तदोपरांत तदुपरांत
तरुछाया तरुच्छाया
तिलांजली तिलांजलि
त्यज्यत्याज्य
दांत दाँत
दुरावस्था दुरवस्था
दुर्द्धर्ष दुर्धर्ष
दुर्विवार/दुर्नीवार दुर्निवार
दूरात्मागण दूरात्मगण
दृष्टा द्रष्टा
द्रष्ट्य दृष्टव्य
द्वंद द्वंद्व
द्वारिका द्वारका
धोबीन/धोबिनी धोबिन
नबाब नवाब
नराज नाराज
नर्क नरक
निःपराध निरपराध
निमितिक नौमित्तिक
निरपराधी निरपराध
निरसता नीरसता
निरोपम निरुपम
निर्दयी निर्दय
निर्देशन निदर्शन
निष्कपटी निष्कपट
निष्कषता निष्कर्षतः
निष्चेष्ट  निश्चेष्ट
निष्छल निश्छल
नुपुर नूपुर
पटाच्छेपपटाक्षेप
पतीत पतित
परलौकिक पारलौकिक
परि पार्श्विक परिपार्श्वीय
परिक्षा / परिच्छापरीक्षा
परिश्रमीक पारिश्रमिक
परीस्थिति परिस्थिति
पुनरूत्थन पुनरूत्थान
पुलिंग पुल्लिंग
पूज्यनीय पूजनीय
पैत्रिक पैतृक
प्रकारान्त प्राकारान्तर
प्रजवलित प्रज्वलित
प्रतिछाया प्रतिच्छाया
प्रदेशिक प्रादेशिक
प्रमाणिक प्रामाणिक
प्रसाद प्रासाद
प्राकथन प्राक्कथन
प्रार्दुर्भाव प्रादुर्भाव
बर्तन बरतन
भगीरथी भागीरथी
भुख्खड़ भुक्खड़
मंत्रीमंडलमंत्रिमंडल
मतेक्य मतैक्य
मनज्ञ मनोज्ञ
महात्म महात्म्य
मानविकरण मानवीकरण
मालन मालिन
माहातम्य  महात्म्य
मृत्युजय मृत्युंजय
मैथलीशरण मैथिलीशरण
यथेष्ठ यथेष्ट
यद्पि यद्यपि
यशलाभ यशोलाभ
यानी यानि
यावत जीवन यावज्जीवन
युधिष्ठीर युधिष्ठिर
रचयीता / रचइतारचयिता
रसायनिक रासायनिक
वंदना वन्दना 
वज़िफा  वज़ीफ़ा
वाडगमय /वांगमय  वाङ्मय
वाल्मीकी वाल्मीकि
विरहणी विरहिणी
विशिष्ठ विशिष्ट 
व्यक्तिक वैयक्तिक
व्यवहारिक व्यावहारिक
शरचंद्र शरच्चंद्र
शारीरीक शारीरिक
श्रीमान श्रीमान्
श्रृंगार श्रृंगार
श्रृष्टि सृष्टि
षष्टम षष्ठ
संग्रहित संग्रहीत
संयासी संन्यासी
संश्लिश्ट संश्लिष्ट
संस्कृत्यायन सांकृत्यायन
सतत सतत्
सत्गति सद्गति
सदंर्भ सन्दर्भ
सदृश सदृश्य
सन्नध स्त्रद्ध
सन्मुख सम्मुख
सन्यास संन्यास
समान्य सामान्य
समुज्जवल  समुज्ज्वल
सम्राज्य साम्राज्य
सम्वाद संवाद
सयांस  संन्यास
सर्जन सृजन
सवारना संवारना
सहीष्णु सहिष्णु
सामाजीक सामाजिक
साम्यता साम्य
साहीत्यिक साहित्यिक
सुश्रूषा शुश्रूषा
सौख्यता सौख्य
सौन्दयानुभूति सौन्दर्यानुभूति
स्थाई स्थायी
स्थायीत्व स्थायित्व
स्वयंम्बर स्वयंवर
स्वातंत्रय स्वातन्त्र्य
स्वालम्बन स्वावलंबन
स्वास्थ स्वास्थ्य
हस्ताक्षेप हस्तक्षेप
हिरण्यकश्यपु हिरण्यकशिपु
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